पर्यावरणीय खतरे
(Environmental Hazards)
पूरी किताब के पेज 234 से 241 तक की जानकारी — आसान हिन्दी में, Point-wise और Bihar Board स्टूडेंट्स के लिए बिल्कुल सरल भाषा में।
👉 इस पोस्ट में पर्यावरणीय खतरे (Environmental Hazards) से जुड़ी हर बात — पॉल्यूशन के कारण, पर्यावरण प्रदूषक, प्रमुख शब्दावली व परिभाषाएँ, पार्टिकुलेट मैटर, एनर्जी-मैन-एनवायरनमेंट का संबंध, ऊर्जा संरक्षण का नियम, थर्मोडायनामिक्स के नियम और महत्वपूर्ण प्रश्नों को — बहुत ही आसान और सरल हिंदी में समझाया गया है। हर टॉपिक को छोटे-छोटे पॉइंट्स में लिखा गया है ताकि परीक्षा के लिए याद करना आसान हो।
📑 इस नोट्स में क्या-क्या है
- 14.1 परिचय (Introduction)
- पर्यावरण पर हानिकारक प्रभाव
- 14.2 पॉल्यूशन (Pollution)
- परमाणु व हाइड्रो पावर प्लांट के प्रभाव
- बड़े हाइड्रो व इंडस्ट्रियल हैज़र्ड
- 14.3 महत्वपूर्ण शब्द व परिभाषाएँ
- इकोलॉजी, एसिड रेन व प्रमुख शब्दावली
- 14.4 एनवायरनमेंट पॉल्यूटेंट्स
- कंबश्चन प्रोडक्ट्स व पार्टिकुलेट मैटर
- 14.5 एनर्जी, मैन एंड एनवायरनमेंट
- एनर्जी कन्वर्ज़न व पर्यावरण का संबंध
- 14.6 ऊर्जा संरक्षण का नियम
- क्लोज्ड सिस्टम में कुल ऊर्जा का समीकरण
- 14.7 थर्मोडायनामिक्स
- अभ्यास प्रश्न
14.1 परिचय (Introduction)1
पेज 234- 1989 में CO₂, SOₓ और NOₓ के बढ़ते पॉल्यूशन, ग्लोबल वार्मिंग, एसिड रेन और हेल्थ हैज़र्ड्स पर दुनिया भर का ध्यान फिर से केंद्रित हुआ।
- 1989 World Energy Conference, Montereal में एनवायरनमेंटल अथॉरिटीज़ ने पॉल्यूशन कंट्रोल के पक्ष में सिफारिशें कीं।
- 1980 के दशक के अंत और 1990 के दशक की शुरुआत में Air Quality Standards लागू करने पर ज़ोर दिया गया।
- फॉसिल फ्यूल पावर प्लांट्स को CO₂ लेवल बढ़ाने से रोकने के लिए न्यूक्लियर एनर्जी के इस्तेमाल को प्राथमिकता देने की सिफारिश की गई।
- फॉसिल फ्यूल पावर प्लांट्स CO₂, NOₓ, SOₓ, पार्टिकुलेट्स और हीट को पर्यावरण में छोड़ते हैं।
- ऊर्जा उत्सर्जन कंट्रोल करने के प्रमुख तरीके: ESP (Electrostatic Precipitator), FGD (Flue Gas Desulphurisation), ICGCC टेक्नोलॉजी, DeNOₓ सिस्टम्स आदि।
पावर प्लांट्स, वाहन व इंडस्ट्रीज़ → Particulates + NOₓ + SOₓ + CO₂ + CO + हीट (गर्मी) उत्सर्जित करते हैं।
यह मिलकर Acid Rains / Snow / Deposits बनाते हैं, जो पॉल्यूशन व ग्लोबल वार्मिंग का कारण बनते हैं और अंत में पर्यावरण को नष्ट (Destruction of environment) कर देते हैं — जिसका असर Agriculture व Aquaculture (कृषि व जलकृषि) पर सीधा पड़ता है। साथ ही ठोस व तरल अपशिष्ट (Solid and liquid discharges) भी सीधे वातावरण में छोड़े जाते हैं।
- Power Technologies को 2000 तक ज़्यादा हाई एमिशन कंट्रोल स्टैंडर्ड्स के साथ आधुनिक तकनीक से रिप्लेस या रेट्रोफिट किया जाना था।
- Energy Technologies, Process Design, Equipment Design, Operation and Maintenance के पहलुओं को Environmental Standards को पूरा करने के लिए लगातार सुधारा जा रहा है।
- प्लांट्स और उपकरण मानव निर्मित ऊर्जा रूपांतरण प्रक्रियाओं के ज़रिए विभिन्न कारणों से पर्यावरण को प्रदूषित करते हैं। हमें साफ हवा, पानी, वातावरण व पॉल्यूशन कंट्रोल प्रावधानों के साथ बेहतर जीवन गुणवत्ता के लिए ऊर्जा रूपांतरण संयंत्रों की आवश्यकता है।
- हर मानव-निर्मित ऊर्जा रूपांतरण प्रक्रिया पर्यावरण को विपरीत रूप से प्रभावित करती है, अगर उसके आसपास पॉल्यूशन कंट्रोल की व्यवस्था न हो।
पर्यावरण पर हानिकारक प्रभाव2
पेज 235- पर्यावरण को बिना सीमा पार किए ऊर्जा में बदलने का काम पर्यावरण पर स्पष्ट रूप से हानिकारक (Degrading) प्रभाव डालता है। लक्ष्य है — पॉल्यूशन की सीमाओं को पार किए बिना ऊर्जा में रूपांतरण करना।
- फॉसिल फ्यूल पावर प्लांट्स से बड़े स्तर पर होने वाला एमिशन वातावरण में स्थानीय व वैश्विक पर्यावरणीय गिरावट लाता है — जिसके प्रभाव हैं:
प्रमुख हानिकारक प्रभाव
- मानव स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव: श्वसन संबंधी बीमारी (Respiratory illness), कैंसर।
- एसिड रेन: कृषि, वन, जानवरों, मानव स्वास्थ्य, जलीय जीवन, पीने के पानी को नुकसान पहुँचाना।
- ग्लोबल वार्मिंग: ध्रुवीय बर्फ पिघलना, समुद्र के जलस्तर में वृद्धि, पर्यावरणीय गड़बड़ी आदि।
पर्यावरण (Environment) किससे मिलकर बना है
पर्यावरण अपने आसपास (Surroundings) से मिलकर बना है, जिसमें शामिल हैं —
- हवा, वातावरण, पानी, भूमि (Air, atmosphere, water, land)
- पानी — झीलें, नदियाँ, समुद्र (Water, lakes, rivers, oceans)
- भूमि — पहाड़, रेगिस्तान (Land, mountains, deserts)
- पेड़, जंगल, चरागाह, कृषि (Trees, forests, pastures, agriculture)
- आसपास मौजूद जैविक जीव (Biological organisms in the surroundings)
- रहने के घर, इमारतें, सड़कें (Dwelling houses, buildings, roads)
- इंडस्ट्रीज़ (Industries)
14.2 पॉल्यूशन (Pollution)3
पेज 235- पॉल्यूटेंट्स (प्रदूषक) का उत्सर्जन और गर्मी (Heat) पर्यावरण, हवा, पानी और भूमि में मिलकर उन्हें विपरीत रूप से प्रभावित करते हैं।
- यह उत्सर्जन Power Plants और Industries के विभिन्न एमिशन से प्रभावित होता है।
- फॉसिल फ्यूल पावर प्लांट्स व इंटर्नल कंबश्चन इंजन से मुख्य एमिशन प्रोडक्ट्स:
- कोयले के दहन (Combustion of coal) से बनी पार्टिकुलेट मैटर
- ज़हरीली गैसें (Poisonous gases) — जैसे SOₓ, NOₓ, CO, CO₂, HC, Oₓ
- गर्मी (Heat)
- प्रोसेस से निकलने वाला वेस्ट (Waste from processes)
- संदूषण (Contamination) व रेडियोएक्टिव विकिरण (Radioactive irradiations)
ये उत्सर्जन हवा, पानी, भूमि और पर्यावरण को प्रदूषित करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप स्वास्थ्य समस्याएँ, ग्लोबल वार्मिंग, एसिड रेन और वनस्पति (Vegetation) का विनाश होता है।
परमाणु व हाइड्रो पावर प्लांट के प्रभाव4
पेज 235-236(a) न्यूक्लियर फ्यूल साइकल और चेन रिएक्शन
- न्यूक्लियर पावर प्लांट्स रेडियोएक्टिव किरणों (Radioactive rays) की वजह से एक बड़ा एनवायरनमेंटल हैज़र्ड पैदा करते हैं।
- न्यूक्लियर वेस्ट डिस्पोज़ल एक बड़ी पर्यावरणीय समस्या है — इसमें टॉक्सिक गैसों, CO₂ और अन्य ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन का कोई खतरा नहीं होता है।
(b) हाइड्रो इलेक्ट्रिक पावर प्लांट्स
- ये सबसे स्वच्छ (Cleanest) और प्रदूषण-मुक्त (Pollution free) माने जाते हैं।
- बड़ी हाइड्रो योजनाएँ, हानिकारक कणों को नियंत्रित करने और ग्लोबल वार्मिंग/ग्रीनहाउस इफेक्ट की समस्या को नियंत्रित करने में सहायक हैं।
- उच्च लागत के कारण पहले इन्हें प्राथमिकता नहीं दी गई थी, लेकिन अब पर्यावरण-अनुकूल होने के कारण इन्हें योजना निर्माण की प्राथमिकता सूची में रखा जा रहा है।
- बड़े हाइड्रो जलाशयों (Large hydro reservoirs) से वनों की कटाई (Deforestation) व पारिस्थितिक गड़बड़ियाँ (Ecological disturbances) जुड़ी होती हैं, इसलिए पर्यावरणविद कई बार इनका विरोध करते हैं (जैसे Koyna, Maharashtra भूकंप का उदाहरण)।
- नई बड़ी Hydro Electric Schemes (जैसे Mini-Hydro Schemes) को बढ़ावा दिया जा रहा है — क्योंकि कोयला आधारित पावर प्लांट की तुलना में हाइड्रो प्लांट "कम बुराई" (Lesser evil) है।
इंडस्ट्रियल हैज़र्ड व एनर्जी की बढ़ती ज़रूरत5
पेज 236(c) इंडस्ट्रियल प्रोसेस
- पेट्रोकेमिकल, स्टील, ग्लास, सीमेंट, फर्टिलाइज़र जैसी इंडस्ट्रीज़ में महत्वपूर्ण टॉक्सिक एमिशन होते हैं।
- ऑटोमोबाइल्स और इंटर्नल कंबश्चन इंजन में भी महत्वपूर्ण टॉक्सिक एमिशन होते हैं।
(d) दुर्घटनाएँ (Accidents)
- ऑयल टैंकरों में दुर्घटनाएँ, न्यूक्लियर विस्फोट, युद्धों में इस्तेमाल विस्फोटक आदि पर्यावरण को प्रदूषित करते हैं व खतरनाक स्वास्थ्य समस्याएँ पैदा कर सकते हैं।
- ऑटोमोबाइल इंजनों व फॉसिल फ्यूल पावर प्लांट्स में बड़े पैमाने पर होने वाला दहन (Combustion), वनस्पति, पशुओं, वनों, कृषि क्षेत्रों और इकोलॉजी पर बुरा असर डालता है।
- क्षेत्रीय व वैश्विक पर्यावरण को ग्लोबल वार्मिंग, एसिड रेन, बढ़े हुए CO₂ लेवल, इकोलॉजिकल असंतुलन के ज़रिए नुकसान पहुँचता है — जो राष्ट्रीय सीमाओं को पार कर जाता है।
(e) मूल समस्या क्या है
- समस्या की जड़ है — पॉल्यूशन की सीमा पार किए बिना उपयोगी सेकेंडरी एनर्जी की आपूर्ति करना।
- बढ़ती जनसंख्या और बढ़ते औद्योगीकरण के कारण यह काम लगातार मुश्किल होता जा रहा है।
- औद्योगिक प्रगति, जीवन स्तर में सुधार और बढ़ती जनसंख्या के कारण ऊर्जा की ज़रूरतें लगातार बढ़ रही हैं।
- जीवन स्तर को बनाए रखने और सुधारने के लिए उपयोगी ऊर्जा का उत्पादन बढ़ाने के अलावा कोई और रास्ता नहीं है।
14.3 महत्वपूर्ण शब्द व परिभाषाएँ6
पेज 236- Emissions (उत्सर्जन): किसी सिस्टम से इफ्लुएंट्स का डिस्चार्ज।
- Effluents (अपशिष्ट पदार्थ): सिस्टम से निकलने वाले ठोस, तरल, गैसीय, थर्मल, रेडियोएक्टिव रेडिएशन, ध्वनि, माइक्रोवेव्स आदि।
- To Pollute (प्रदूषित करना): किसी चीज़ को अशुद्ध, गंदा या दूषित बनाना।
- Pollution (प्रदूषण): पानी, हवा, आसपास आदि को अशुद्ध, गंदा, दूषित करना — संदूषित बनाना।
- Polluters या Pollutants (प्रदूषक): वे पदार्थ जो प्रदूषण का कारण बनते हैं।
- Environ: आसपास (Surroundings)।
- Environment (पर्यावरण): आसपास का वातावरण या घिरा होना — वे परिस्थितियाँ जो जीवों को प्रभावित करती हैं।
बढ़ते क्रम में एमिशन (Increasing orders of emission)
- न्यूक्लियर पावर प्लांट्स (सबसे कम एमिशन)
- गैस टर्बाइन पावर प्लांट्स
- इंटीग्रेटेड कोल गैसीफिकेशन कंबाइंड स्टैंडर्ड पावर प्लांट
- फ्लुइडाइज़्ड बेड कंबश्चन पावर प्लांट
- एमिशन कंट्रोल्स (ESP, FGD, SCR) के साथ कोयला आधारित पावर प्लांट
- बिना एमिशन कंट्रोल के परंपरागत कोयला आधारित पावर प्लांट (सबसे ज़्यादा एमिशन)
इकोलॉजी, एसिड रेन व अन्य महत्वपूर्ण शब्दावली7
पेज 237- Ecology: बायोलॉजी की शाखा जो जीवों और उनके आसपास के संबंध का अध्ययन करती है।
- Contamination (संदूषण): वस्तुओं या पदार्थों पर अनचाहे रेडियोएक्टिव मैटर की मौजूदगी।
- Oₓ: ऑक्सीजन के विभिन्न रूप — जैसे O₂, O₃।
- SOₓ: सल्फर के विभिन्न ऑक्साइड्स।
- NOₓ: नाइट्रोजन के विभिन्न ऑक्साइड्स।
- Acid Rains (एसिड रेन): प्रदूषित हवा से घुले हुए एसिड युक्त बारिश का पानी।
- Thermal Pollution (थर्मल पॉल्यूशन): झील या नदी के पानी/वातावरण में गर्मी जोड़ना।
- ESP (Electrostatic Precipitator): फ्लू गैस में मौजूद ठोस कणों को हटाने वाला उपकरण।
- Fly-ash: राख जो फ्लू गैस के ज़रिए वातावरण में उड़कर जाती है।
- Percolates: फ्लू गैस में लटके हुए ठोस कण।
- FGD System (Flue Gas Desulphurisation System): यह फॉसिल फ्यूल पावर प्लांट की फ्लू गैस से SOₓ हटाने की केमिकल ट्रीटमेंट प्रोसेस है।
- SCR (Selective Catalytic Reformer System): यह गैसीय प्रदूषकों से NOₓ हटाने के लिए एक केमिकल ट्रीटमेंट प्लांट में लगाया जाने वाला सिस्टम है।
14.4 एनवायरनमेंट पॉल्यूटेंट्स8
पेज 237- एनवायरनमेंटल पॉल्यूटेंट्स "फ्यूल साइकिल" से जुड़े होते हैं — यानी ईंधन का एक्सट्रैक्शन (निष्कर्षण), प्रोसेसिंग, रिफाइनिंग, ट्रांसपोर्टेशन और उपयोग।
- प्रमुख ईंधन जो उपयोग में हैं: कोयला (Coal), पेट्रोलियम तेल (Petroleum Oils), प्राकृतिक गैस (Natural Gas), फिसाइल न्यूक्लियर फ्यूल्स (Fissile Nuclear Fuels)।
तालिका 14.1 — एनर्जी कन्वर्ज़न प्लांट्स से पॉल्यूटेंट्स
| स्रोत | प्रमुख पॉल्यूटेंट्स |
|---|---|
| फॉसिल फ्यूल प्लांट्स | सल्फर ऑक्साइड (SOₓ), नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOₓ), कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂), कार्बन मोनोऑक्साइड (CO), पार्टिकुलेट मैटर, थर्मल पॉल्यूशन |
| न्यूक्लियर पावर प्लांट्स | रेडियोएक्टिव उत्सर्जन (Emission), रेडियोएक्टिव वेस्ट, थर्मल पॉल्यूशन |
| मोटर वाहन (Motor Vehicles) | फॉसिल फ्यूल प्लांट्स के समान — कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) और आंशिक रूप से जले हुए ईंधन से सल्फर ऑक्साइड (SOₓ) व नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOₓ) — साथ ही हवा और नमी से नाइट्रोजन ऑक्साइड भी बन सकता है। इसके अलावा थोड़ी मात्रा में पार्टिकुलेट्स (राख) भी बनते हैं। |
कंबश्चन प्रोडक्ट्स व पार्टिकुलेट मैटर9
पेज 238चित्र 14.2 — फॉसिल फ्यूल के दहन से बनने वाले प्रोडक्ट्स
Air = ड्राई एयर + वाटर वेपर
ड्राई फ्यूल (Dry Fuel) = कार्बन + हाइड्रोजन + ऑक्सीजन + सल्फर + नाइट्रोजन + ऐश
Air + Fuel = कंबश्चन प्रोडक्ट्स: फ्लू गैस (CO₂, SOₓ, O₂, CO, NOₓ) + पानी + रिफ्यूज़ (कार्बन, ऐश)
- हवा में मौजूद ठोस या तरल कणों को पार्टिकुलेट मैटर (Particulate Matter) कहते हैं।
- पार्टिकुलेट मैटर का साइज़ 1 माइक्रोमीटर से लेकर लगभग 50 माइक्रोमीटर तक होता है।
तालिका 14.2 — पार्टिकुलेट मैटर के बारे में रेफरेंस डेटा
| विवरण | साइज़ μm |
|---|---|
| नैचुरल डस्ट | > 1 |
| लिक्विड मिस्ट | < 10 |
| लिक्विड स्प्रे | > 10 |
| स्मॉग (स्मोक या फॉग) | < 2 |
| विवरण | साइज़ μm |
|---|---|
| तंबाकू का धुआँ (Tobacco smoke) | 0.01 - 1 |
| तेल का धुआँ (Oil smoke) | 0.01 - 1 |
| कोयले की धूल (Coal dust) | 1 - 100 |
| फ्लाई ऐश (Fly Ash) | 1 - 200 |
| पल्वराइज़्ड कोल (Pulverised coal) | 3 - 500 |
μm = माइक्रोमीटर, "greater than" = से ज़्यादा (>), "smaller than" = से कम (<)
पार्टिकुलेट्स के स्रोत (Sources)
- वातावरण में मौजूद पार्टिकुलेट्स — प्राकृतिक कारणों (Natural causes) और मानव निर्मित कारणों (Man made causes) — दोनों से बनते हैं।
- छोटे साइज़ के पार्टिकुलेट मैटर (< 20 μm), जो 775 × 10⁶ से 2200 × 10⁶ मीट्रिक टन/वर्ष की रेंज में हैं, प्राकृतिक कारणों से वातावरण में उत्सर्जित होते हैं।
- मानव निर्मित कारणों (Man made causes) से 185 × 10⁶ से 415 × 10⁶ मीट्रिक टन/वर्ष रेंज में छोटे पार्टिकुलेट मैटर (< 20 μm साइज़) वातावरण में उत्सर्जित होते हैं।
- दुनिया में कुल छोटे पार्टिकुलेट मैटर का उत्सर्जन 958 × 10⁶ से 2615 × 10⁶ मीट्रिक टन/वर्ष की रेंज में है।
14.5 एनर्जी, मैन एंड एनवायरनमेंट10
पेज 238- मनुष्य प्रकृति से कच्ची ऊर्जा (Primary Energy Resources) के रूप में ऊर्जा संसाधन प्राप्त करता है।
- इन ऊर्जा संसाधनों को इंटरमीडिएट (मध्यवर्ती) ऊर्जा रूपों में प्रोसेस व रूपांतरित (Transform) किया जाता है, और अंततः इन्हें उपयोग योग्य (Useable) ऊर्जा रूपों में बदला जाता है।
- ऊर्जा रूपांतरण की प्रक्रियाएँ (Energy conversion processes) हमेशा प्रदूषण संबंधी समस्याओं (Pollution problems) के साथ जुड़ी होती हैं।
एनर्जी कन्वर्ज़न व पर्यावरण का गहरा संबंध11
पेज 239- ऊर्जा का एक बड़ा हिस्सा पावर प्लांट्स द्वारा बिजली (Electrical Form) में रूपांतरित किया जाता है।
- पावर प्लांट्स ठोस कण (Solid Particles), SOₓ, NOₓ, CO, CO₂ और वेस्ट हीट/केमिकल्स को पर्यावरण में उत्सर्जित करते हैं।
- पर्यावरण का यह प्रदूषण पारिस्थितिक संतुलन (Ecological Balance) को बिगाड़ता है।
Energy Conversion Processes ↔ Human Life ↔ Environment ↔ Energy — यह चारों एक-दूसरे से गोलाकार रूप में जुड़े हुए हैं (सर्कुलर रिलेशनशिप)।
- दुनिया की सालाना ऊर्जा खपत की दर 2 से 4 प्रतिशत प्रति वर्ष की रफ्तार से बढ़ रही है।
- न्यूक्लियर पावर प्लांट्स, थर्मल पावर प्लांट्स, केमिकल कन्वर्ज़न प्लांट्स आदि पर्यावरण में ग्रीनहाउस पॉल्यूटेंट्स उत्सर्जित कर रहे हैं जिससे ग्रीनहाउस इफेक्ट और ग्लोबल वार्मिंग हो रही है।
- (Energy Technology, पर्यावरणीय असंतुलन की समस्या और विभिन्न वैकल्पिक ऊर्जा मार्गों से संबंधित है, और उपचारात्मक कदमों की सिफारिश करती है।)
नई पॉल्यूशन-फ्री एनर्जी टेक्नोलॉजी
- नई प्रदूषण-मुक्त ऊर्जा तकनीकें विकसित व लागू की जा रही हैं — जैसे Integrated Coal Gasification Combined Cycle Technology (IGCC), Renewable Energy Technologies।
- परंपरागत टेक्नोलॉजी को भी संशोधित (Modified) किया जा रहा है — जैसे मौजूदा प्लांट्स को Electro Static Precipitators (ESP) और Chemical Treatment Plants जोड़कर रेट्रोफिट करना।
- दुनिया भर में एनवायरनमेंटल प्रतिबंधों को और सख्त बनाया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप नई एनर्जी टेक्नोलॉजी सामने आ रही हैं।
14.6 ऊर्जा संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Energy)12
पेज 239- ऊर्जा को नए सिरे से बनाया नहीं जा सकता (Energy cannot be newly created)।
- ऊर्जा को नष्ट नहीं किया जा सकता (Energy cannot be destroyed)।
- एक क्लोज्ड सिस्टम (Closed System) में, कुल ऊर्जा संरक्षित रहती है — "In a closed system, the total mass is conserved"
"An Energy conversion process resulting in certain quality"
- एक ऊर्जा रूपांतरण प्रक्रिया (Energy Conversion Process) में, ऊर्जा एक या एक से अधिक रूपों से दूसरे रूप/रूपों में स्थानांतरित (Transmitted) होती है, जिसमें कुछ हीट ट्रांसफर व एनर्जी लॉस हो सकता है।
- कई ऊर्जा रूपांतरण, क्लोज्ड सिस्टम कंटेनर में एक फॉर्म से दूसरे फॉर्म में हो सकते हैं — जिसमें क्लोज्ड सिस्टम अपरिवर्तित (Unchanged) रहता है।
प्रसिद्ध "Conservation of Energy" नियम पर आधारित समीकरण
क्लोज्ड बाउंड्री (Closed boundary) के साथ और क्लोज्ड सिस्टम बाउंड्री से मैटर/एनर्जी का कोई ट्रांसफर न होने पर, क्लोज्ड सिस्टम में कुल मास और एनर्जी अपरिवर्तित रहती है — इसके लिए हम प्रसिद्ध 'Conservation of Energy' नियम के आधार पर निम्नलिखित समीकरण लिखते हैं।
क्लोज्ड सिस्टम में कुल ऊर्जा का समीकरण13
पेज 240वैज्ञानिक अवलोकन (Observation) और सहज तर्क (Intuitive logic) के अनुसार — "एक क्लोज्ड सिस्टम में कुल ऊर्जा, उसके सभी घटक ऊर्जाओं (Component Energies) का बीजगणितीय योग (Algebraic sum) होती है।"
समीकरण के भाग (Where...)
- Ecs = क्लोज्ड सिस्टम में कुल ऊर्जा, J
- Ene = क्लोज्ड सिस्टम में न्यूक्लियर एनर्जी, J
- Ete = क्लोज्ड सिस्टम में थर्मल एनर्जी, J
- Eme = क्लोज्ड सिस्टम में मैकेनिकल एनर्जी, J
- Ebe = क्लोज्ड सिस्टम में बायोमास एनर्जी, J
- Eee = क्लोज्ड सिस्टम में इलेक्ट्रोमैग्नेटिक एनर्जी, J
- Epe = क्लोज्ड सिस्टम में पोटेंशियल एनर्जी, J
- Eo = क्लोज्ड सिस्टम में ऊर्जा के अन्य ज्ञात/अज्ञात रूप (Other known/unknown forms of energy), J
14.7 थर्मोडायनामिक्स (Thermodynamics)14
पेज 240- थर्मोडायनामिक्स — ऊर्जा विज्ञान (Energy Science) की एक शाखा है, जो गर्मी (Heat) के मैकेनिकल वर्क में या वाइस-वर्सा रूपांतरण से संबंधित है। Heat थर्मल एनर्जी है।
- पहला नियम (First Law) — ऊर्जा के संरक्षण (Conservation of Energy) से संबंधित है।
- दूसरा नियम (Second Law) — बताता है कि ऊर्जा के विभिन्न रूपों की गुणवत्ता (Quality) अलग-अलग होती है।
- ज़्यादातर एनर्जी कन्वर्ज़न प्रक्रियाओं में थर्मोडायनामिक्स के ये मौलिक नियम (Fundamental Laws) लागू होते हैं।
14.7.1 ऊष्मागतिकी का पहला नियम (First Law of Thermodynamics)
- ऊर्जा कई रूपों में मौजूद होती है — जैसे इलेक्ट्रिकल एनर्जी, थर्मल एनर्जी, मैकेनिकल एनर्जी, केमिकल एनर्जी।
- एनर्जी कन्वर्ज़न प्रोसेस में, ऊर्जा का एक रूप दूसरे रूप में रूपांतरित (Transform) होता है।
- ऊर्जा को नए सिरे से बनाया नहीं जा सकता, और ऊर्जा को नष्ट नहीं किया जा सकता।
- एक क्लोज्ड सिस्टम में, कुल ऊर्जा अपरिवर्तित (Unchanged) रहती है। यही ऊर्जा संरक्षण का सिद्धांत (Principle of Conservation of Energy) है।
14.7.2 ऊष्मागतिकी का दूसरा नियम (Second Law of Thermodynamics)
दूसरा नियम बताता है कि ऊर्जा के विभिन्न रूप गुणवत्ता (Quality) में भिन्न होते हैं। निम्नलिखित कथन (Statements) इसी दूसरे नियम से निकाले गए हैं:
- ऊर्जा के विभिन्न रूप एक जैसे नहीं होते। कुछ रूप वर्क प्राप्त करने में ज़्यादा उपयोगी होते हैं (जैसे इलेक्ट्रिकल एनर्जी), जबकि कुछ कम उपयोगी या बेकार (Worthless) होते हैं। पर्यावरण में मौजूद ऊर्जा बेकार (Worthless) मानी जाती है।
- विभिन्न एनर्जी कन्वर्ज़न प्रोसेस, दक्षता (Efficiency) में भिन्न होते हैं। किसी भी एनर्जी कन्वर्ज़न प्रोसेस की दक्षता, इनपुट एनर्जी और आउटपुट एनर्जी के प्रकार पर निर्भर करती है।
- हर एनर्जी कन्वर्ज़न, आसपास के वातावरण के साथ कुछ मात्रा में गर्मी (Heat) के आदान-प्रदान के साथ होता है। हर एनर्जी लॉस, गर्मी के रूप में आसपास छोड़ा जाता है। इस तरह छोड़ी गई (Rejected) गर्मी, पर्यावरण की आंतरिक ऊर्जा (Internal Energy) को बढ़ाती है।
- पर्यावरण की आंतरिक ऊर्जा (Internal Energy of the Environment) को बेकार (Worthless) माना जाता है।
- हर एनर्जी कन्वर्ज़न प्रोसेस में, कुछ ऊर्जा बेकार (Worthless) रूप में बदल जाती है।
- स्वतःस्फूर्त (Spontaneous) एनर्जी कन्वर्ज़न प्रोसेस अपरिवर्तनीय (Irreversible) होती हैं।
❓ अभ्यास प्रश्न (Practice Questions)
पेज 241- पावर प्लांट्स और इंडस्ट्रीज़ से होने वाले उन एमिशन के बारे में संक्षेप में चर्चा करें, जो पर्यावरण को प्रदूषित करते हैं।
- निम्नलिखित एनर्जी कन्वर्ज़न प्लांट्स से होने वाले पॉल्यूटेंट्स पर चर्चा करें:
- फॉसिल फ्यूल प्लांट (Fossil fuel plant)
- न्यूक्लियर पावर प्लांट (Nuclear power plant)
- मोटर वाहन (Motor vehicles)
- संक्षिप्त टिप्पणी लिखें (Write short notes):
- पार्टिकुलेट मैटर (Particulate matter)
- ऊर्जा संरक्षण का नियम (Law of conservation of energy)
- थर्मोडायनामिक (Thermodynamic)
- इफ्लुएंट्स (Effluents)
✨ एक नज़र में — चैप्टर का सार
- ऊर्जा को बिना सीमा पार किए पर्यावरण में बदलना ही मुख्य लक्ष्य है — पर हर एनर्जी कन्वर्ज़न प्रोसेस पर्यावरण को नुकसान पहुँचाता है।
- पावर प्लांट्स व इंडस्ट्रीज़ से CO₂, SOₓ, NOₓ, पार्टिकुलेट मैटर व हीट का उत्सर्जन होता है, जो एसिड रेन, ग्लोबल वार्मिंग व स्वास्थ्य समस्याएँ पैदा करता है।
- ESP, FGD और SCR जैसी तकनीकों से पॉल्यूशन को कंट्रोल किया जाता है।
- ऊर्जा संरक्षण का नियम कहता है — ऊर्जा न तो बनाई जा सकती है, न नष्ट की जा सकती है, केवल एक रूप से दूसरे रूप में बदलती है।
- थर्मोडायनामिक्स के दो नियम — पहला ऊर्जा संरक्षण से जुड़ा है, दूसरा ऊर्जा की गुणवत्ता (Quality) में गिरावट से जुड़ा है।
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