ऐसी लगन लगाया मैं ने, सांवरे तेरे साथ
दुनियां की परवाह नहीं अब, जब हो तुम मेरे पास
मुझे इसका गम नहीं है, की बदल गया ज़माना
मेरे ज़िंदगी के मालिक, कहीं तुम बदल न जाना
मुझे इसका गम नहीं है…
तुम सब के हो सहारे, मेरे श्याम खाटू वाले
मेरी ज़िंदगी की गाड़ी, कर दी है तेरे हवाले
तेरे सिवा हमारा, कुछ भी नहीं ठिकाना
मेरे ज़िंदगी के मालिक, कहीं तुम बदल न जाना
मुझे इसका गम नहीं है, की बदल गया ज़माना
मेरे ज़िंदगी के मालिक, कहीं तुम बदल न जाना
मुझे इसका गम नहीं है…
मेरी ज़िंदगी सँवारी, मुझको गले लगा कर
बैठा दिया फलक पर, मुझे खाक से उठा कर
पकड़ा जो हाथ मेरा, साथ उम्र भर निभाना
मेरे ज़िंदगी के मालिक, कहीं तुम बदल न जाना
मुझे इसका गम नहीं है, की बदल गया ज़माना
मेरे ज़िंदगी के मालिक, कहीं तुम बदल न जाना
मुझे इसका गम नहीं है…
अपने ही हाथो मेरे, किस्मत के ताले खोले
जब मैंने अपने मुख से, श्री राधे राधे बोले
निर्मल बना के मन को, भक्ति का दिया खजाना
मेरे ज़िंदगी के मालिक, कहीं तुम बदल न जाना
मुझे इसका गम नहीं है, की बदल गया ज़माना
मेरे ज़िंदगी के मालिक, कहीं तुम बदल न जाना
मुझे इसका गम नहीं है…
0 Comments