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करूँ कभी #अभिषेक लाडली...🙏 आँखों से बहते झरनों का...😭 मुझे दे दो भरोसा चरणों का...🙇 “श्रीरामचरितमानस” केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह सनातन धर्म की सांस्कृतिक विरासत और संस्कारों का महत्वपूर्ण आधार है। भगवान श्रीराम के मर्यादित आचरण और अन्य पात्रों के माध्यम से यह मनुष्य को धर्मानुसार अनुशासित जीवन जीने का संदेश देता है ! बाबा तुलसी ने “श्रीरामचरितमानस” के रूप में भारतीय साहित्य को एक ऐसी मणि सौंपी है जिसकी एकल आभा जटिल सांसारिकता से लेकर गहन आध्यात्मिकता तक के समस्त पथ को प्रशस्त करने में सक्षम है ! रामकथा केवल पारलौकिक जगत में सहारा बनने वाले पुण्य-कर्मों का संचय ही सुनिश्चित नहीं करती बल्कि इस कथा-धारा में मनुष्यता का वह संजीवनी तत्व शामिल है, जिसके बल पर लौकिक जगत में एक अत्यंत सुंदर एवं सौहार्दपूर्ण समाज की परिकल्पना अत्यंत सरलता से साकार की जा सकती है। 🙏 भगवान कृष्ण मेरे आराध्य, विश्वास मेरी ऊर्जा, संस्कार मेरे शस्त्र, 🇮🇳 माँ, मातृभूमि, मातृभाषा मेरे लिए सर्वोपरि 🙏 For any Issues / Copyright discussions contact AbhishekVssct@gmail.com

मेरे ज़िन्दगी के मालिक कहीं तुम बदल ना जाना... सुपरहिट श्रीकृष्ण भजन...

ऐसी लगन लगाया मैं ने, सांवरे तेरे साथ
दुनियां की परवाह नहीं अब, जब हो तुम मेरे पास

मुझे इसका गम नहीं है, की बदल गया ज़माना
मेरे ज़िंदगी के मालिक, कहीं तुम बदल न जाना
मुझे इसका गम नहीं है…

तुम सब के हो सहारे, मेरे श्याम खाटू वाले
मेरी ज़िंदगी की गाड़ी, कर दी है तेरे हवाले
तेरे सिवा हमारा, कुछ भी नहीं ठिकाना
मेरे ज़िंदगी के मालिक, कहीं तुम बदल न जाना
मुझे इसका गम नहीं है, की बदल गया ज़माना
मेरे ज़िंदगी के मालिक, कहीं तुम बदल न जाना
मुझे इसका गम नहीं है…

मेरी ज़िंदगी सँवारी, मुझको गले लगा कर
बैठा दिया फलक पर, मुझे खाक से उठा कर
पकड़ा जो हाथ मेरा, साथ उम्र भर निभाना
मेरे ज़िंदगी के मालिक, कहीं तुम बदल न जाना
मुझे इसका गम नहीं है, की बदल गया ज़माना
मेरे ज़िंदगी के मालिक, कहीं तुम बदल न जाना
मुझे इसका गम नहीं है…

अपने ही हाथो मेरे, किस्मत के ताले खोले
जब मैंने अपने मुख से, श्री राधे राधे बोले
निर्मल बना के मन को, भक्ति का दिया खजाना
मेरे ज़िंदगी के मालिक, कहीं तुम बदल न जाना
मुझे इसका गम नहीं है, की बदल गया ज़माना
मेरे ज़िंदगी के मालिक, कहीं तुम बदल न जाना
मुझे इसका गम नहीं है…


★ महामंत्र : राधे कृष्ण राधे कृष्ण कृष्ण कृष्ण राधे राधे । राधे श्याम राधे श्याम श्याम श्याम राधे राधे ।। ★ श्रीगोपाल मन्त्रराज : क्लीं कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजनवल्लभाय स्वाहा । ★ श्रीमुकुन्दशरणागतिमन्त्र : श्रीमन्मुकुन्दचरणौ सदा शरणमहं प्रपद्ये ।

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